
गैस, जाम और बिजली बिल से त्रस्त बस्ती के व्यापारी, प्रशासन पर उठे सवाल- उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सौंपा ज्ञापन
बस्ती। शहर के व्यापारी इन दिनों कई मोर्चों पर परेशान हैं और अब उनका सब्र टूटता नजर आ रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उ०प्र० बस्ती इकाई ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा।
जिलाध्यक्ष सुनील सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रशासनिक लापरवाही पर सीधा सवाल उठाया गया। मंडल ने कहा कि बस्ती में कॉमर्शियल गैस और घरेलू गैस की किल्लत ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। छोटे दुकानदार, खासकर चाय-पकौड़ी और खानपान से जुड़े पटरी व्यवसायी, रोज़ाना संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
नगर उपाध्यक्ष इरफान खान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “अगर जल्द ही कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो सबसे ज्यादा असर गरीब और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा, जो रोज कमाकर अपना परिवार चलाते हैं। प्रशासन को उनकी मजबूरी समझनी होगी, नहीं तो हालात बिगड़ सकते हैं।”
ज्ञापन में शहर की जाम समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताया गया। व्यापारियों का कहना है कि आए दिन लगने वाले जाम ने बाजारों की रौनक छीन ली है। ग्राहक बाजार तक पहुंच ही नहीं पा रहे, जिससे व्यापार लगातार प्रभावित हो रहा है। मंडल ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है, जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती।
कंपनी बाग से रोडवेज होते हुए डीएम कार्यालय तक की सड़क का हाल भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि इस मार्ग पर अव्यवस्थित पार्किंग के कारण घंटों जाम लगता है, लेकिन प्रशासन केवल चालान काटने में व्यस्त है। बिना वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था के चालान कार्रवाई को व्यापारियों ने “अन्यायपूर्ण” करार दिया। मंडल ने स्पष्ट मांग रखी कि पहले पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही सख्ती दिखाई जाए।
विद्युत विभाग भी व्यापारियों के निशाने पर रहा। स्मार्ट मीटर और प्रोविड कनेक्शन के नाम पर आ रहे भारी-भरकम बिजली बिलों को लेकर व्यापारी खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि बिलों में पारदर्शिता नहीं है और मनमाने तरीके से राशि वसूली जा रही है। मंडल ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि प्रशासन इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहा।
मंडल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति, जाम, पार्किंग और बिजली बिल जैसी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो व्यापारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर व्यापारी सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करने को मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौपने वालो मे हरिभूर्वि सिंह, मनोज प्रभात्मा प्रशाद मद्देशिया, सुनीत कुमार पाण्डेय, अलोक दूबे, पंकज कुमार गुप्ता, सौरभ श्रीवास्तव, मनप्रीत जी हरी, राकेश सिहं, महेन्द्र प्रताप राना, भरतराम बब्लू,फरोज खान, प्रदीप सिहं, वंदना वर्मा, वीर अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।





