धीरेन्द्र शास्त्र के जन्मदिन पर पैड़ा धाम का बड़ा संकल्प, दो बच्चों की शिक्षा का लिया संकल्प 

बस्ती। जिले में आयोजित एक विशेष धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम के दौरान पैड़ा धाम में समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रमुखता से दिया गया। अवसर था धीरेन्द्र शास्त्र के जन्मदिन समारोह का, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान पैड़ा धाम के महंत गोविन्द दास ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दोहराते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

महंत गोविन्द दास ने कहा कि पैड़ा धाम केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के उत्थान और जनकल्याण के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पैड़ा धाम दो बच्चों की शिक्षा-दीक्षा का पूरा दायित्व अपने स्तर पर उठाने का संकल्प ले रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई बच्चे हैं जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पाते हैं। ऐसे बच्चों को उचित शिक्षा और संस्कार प्रदान करना समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्थान की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। शिक्षित समाज ही विकास की ओर अग्रसर होता है और एक बेहतर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाता है। उन्होंने लोगों से भी समाज के जरूरतमंद बच्चों की मदद करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुख रूप से दिया गया। महंत गोविन्द दास ने उपस्थित लोगों के बीच पौधों का वितरण किया और सभी से इन पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल करना और उन्हें सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।

महंत गोविन्द दास ने कहा, “ये केवल पौधे नहीं हैं, बल्कि हमारे जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं। वृक्ष और पौधे हमें शुद्ध वायु, छाया और पर्यावरण संतुलन प्रदान करते हैं। आज बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालात को देखते हुए हर व्यक्ति को पौधारोपण के प्रति जागरूक होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि आज हम पर्यावरण के संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं होंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान महंत गोविन्द दास ने स्वयं भी वृक्षारोपण किया और लोगों को पर्यावरण बचाने की दिशा में आगे आने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज और धर्म दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और समाज के हित में किए गए कार्य भी एक प्रकार का धर्म ही हैं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के उत्थान और सामाजिक विकास के लिए हर संभव प्रयास लगातार जारी रहेगा। धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महंत गोविन्द दास के विचारों की सराहना की और पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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