
सूदखोरों के चंगुल में फंसे हरेन्द्र ने फंसरी लगाकर जान दियाः पत्नी ने किया दोषियों के गिरफ्तारी की मांग
बस्ती। सूदखोरों के चंगुल में फंसे कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखर भिटवा निवासी हरेन्द्र सिंह ने 12 जून को फंसरी लगाकर जान दे दिया। हरेन्द्र सिंह स्पष्ट रूप से कहा है कि गांव के श्याम बहादुर सिंह व राघवेन्द्र सिहं उर्फ पप्पू सिंह पुत्रगण जय प्रकाश सिंह ब्याज पर पैसा देते हैं और टेम्पो चलाकर जीविका का पालन करने वाले हरेन्द्र ने उनकी दूकान ग्रीन वैली टेªडर्स उमरी सोनूपार से 41 हजार रूपये में टेम्पो की बैट्री लिया जो काम नहीं कर रही थी, जब हरेन्द्र ने इसकी शिकायत श्याम बहादुर सिंह से किया तो उसने बैट्री बदलने से इंकार कर दिया। इसी तनाव को लेकर सूदखोरों के चंगुल में फंसे हरेन्द्र सिंह ने 12 जून को फंसरी लगाकर जान दे दिया।टेम्पो चालक हरेन्द्र सिंह की पत्नी शोभना सिंह की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने पोखरा भिटवा निवासी श्याम बहादुर सिंह और राघवेन्द्र सिंह उर्फ पप्पू सिंह के विरूद्ध मुकदमा पंजीेकृत किया है किन्तु अभी तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शोभना सिंह ने दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग करते हुये अपने परिवार के जान माल के रक्षा की गुहार लगाते हुये कहा है कि पति के क्रिया कर्म सम्पन्न होने के बाद वह एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगायेगी।
कोतवाली पुलिस को दिये तहरीर में हरेन्द्र सिंह की पत्नी शोभना सिंह ने कहा है कि गाँव के श्याम बहादुर सिहं व राघवेन्द्र सिहं उर्फ पप्पू सिंह पुत्रगण जय प्रकाश सिहं ब्याज पर रुपया देते हैं तथा आटोरिक्शा के बैट्री की इनकी दुकान भी है। उनके पति हरेन्द्र सिहं ने उन लोगों से रुपया उधार लिया था तथा आटो रिस्शा की बैट्री भी उनकी दुकान से खरीदा था। उधार ली गयी रकम उनके पति ने ब्याज सहित वापस कर दिया है परन्तु मुल्जिमान गलत ढंग से ब्याज जोड कर उनके पति का आर्थिक शोषण व मानसिक उत्पीड़न करते थे। आटो रिक्शा की बैट्री भी जल्दी ही खराब हो गयी जिसे बदलने के लिए मुल्जिमान उनके पति से बार-बार कहते थे परन्तु मुल्जिमान बैट्री बदलने के बजाय उनकेे पति का उपहास करते थे तथा नाजायज ढंग से ब्याज का रुपया माँगते थे और बार बार कहते थे कि ब्याज का रुपया नहीं दे पा रहे हो तो पानी मंे नाक रगड़ कर या गले में फंदा लगा कर मर जाओ। उनके पति कहते थे कि बैट्री बदल दीजिए आटोरिक्शा से ही मेरी परवरिश होती है तो मुल्जिमान कहते थे कि तो परिवार सहित मर क्यों नहीं जाते क्यों जी रहे हो। इस प्रकार मुल्जिमानों ने कई बार उसके सामने भी उनके पति को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करते थे। उनके पति हरेन्द्र सिंह ने आत्महत्या कर लिया जिसके लिए मुल्जिमान उपरोक्त ही जिम्मेदार है। उसने दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग किया है।





