
बदलते मौसम में बढ़ा बीमारियों का खतरा, सावधानी ही बचाव – डॉ वीके वर्मा
बस्ती। जिले में इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है। एक ओर जहां तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक बारिश और तेज आंधी भी लोगों को परेशान कर रही है। इस अस्थिर मौसम का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में वरिष्ठ समाजसेवी एवं आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. वीके वर्मा ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि वर्तमान मौसम स्वास्थ्य के लिए संवेदनशील है, इसलिए अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि यदि बहुत जरूरी काम न हो तो घर पर ही रहें और यदि बाहर निकलना अत्यंत आवश्यक हो तो सुबह या शाम के समय ही अपने कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। दोपहर के समय तेज धूप और उमस से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस समय अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से नमक-चीनी का घोल या ओआरएस का सेवन करें, जिससे डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
डॉ. वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि लोग अक्सर हल्की परेशानी होने पर सीधे मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा लेते हैं, जो कि खतरनाक साबित हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बीमारी बढ़ सकती है या शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या प्रशिक्षित चिकित्सक से ही उपचार कराना चाहिए।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि खानपान में विशेष ध्यान देना जरूरी है। इस मौसम में ताजे फल, हरी सब्जियां और सलाद का अधिक सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहें। साथ ही भोजन हल्का और कम मसालेदार होना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र सही तरीके से कार्य करता रहे।
उन्होंने फास्ट फूड और बाहर के खुले खाने से परहेज करने की सलाह दी। इस तरह के खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, जिससे पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। विशेष रूप से बच्चों के खानपान पर ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।
अंत में डॉ. वर्मा ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से इस बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। लोगों को चाहिए कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, समय-समय पर हाथ धोते रहें और स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन व्यक्तिगत सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।





