
सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा ने किया वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान, समाज की एकजुटता और युवाओं की भूमिका पर हुआ मंथन
बस्ती, 14 जून। मालवीय मार्ग स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा परिसर में रविवार को सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की एकता, संगठन विस्तार, युवा सहभागिता, शिक्षा, संस्कृत संरक्षण तथा सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही महासभा के आजीवन सदस्यों, मार्गदर्शकों एवं सहयोगी बंधुओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदैव समाज और राष्ट्र के कल्याण का मार्गदर्शक रहा है। उन्होंने कहा कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” की भावना ही ब्राह्मण समाज की पहचान है, जो सभी के सुख और कल्याण की कामना करती है।
संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री शम्भूनाथ मिश्र ने संगठन के उद्देश्य, विस्तार और कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि महासभा गांव-गांव तक पहुंचकर समाज को संगठित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने तथा नशा और अपराध से दूर रहने की प्रेरणा देने पर बल दिया।
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं. सत्यनारायण शुक्ल ‘सत्ते शुक्ल’ ने कहा कि वर्तमान समय में जागरूक ब्राह्मणों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, उद्योग और राजनीति जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री विजय बिहारी तिवारी ने कहा कि धर्म दिखाने की नहीं, बल्कि धारण करने की वस्तु है। धर्म के वास्तविक पालन से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेश्याम पाण्डेय ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीर चुनौती बताते हुए इस पर सामूहिक चिंतन की आवश्यकता जताई।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने महासभा के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बस्ती में संगठन की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी तथा वर्ष 2002 में इसका पुनः पंजीकरण कराया गया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती में योगदान देने वाले पुराने साथियों को याद करना और उनका सम्मान करना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पाण्डेय ने महासभा परिसर में मंदिर निर्माण के साथ ही विशाल कॉन्फ्रेंस हॉल, गरीब छात्रों के लिए छात्रावास तथा संस्कृत विद्यालय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिलाध्यक्ष नवीन दूबे ने संगठन में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन युवा वक्ता अभिनव उपाध्याय ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में आमंत्रित आजीवन सदस्यों, मार्गदर्शकों और सहयोगियों को अंगवस्त्र तथा भगवान परशुराम का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता गोपेश्वर त्रिपाठी, पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ल, भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश प्रसाद शुक्ल, समाजसेवी दयाशंकर मिश्र एवं वरिष्ठ नेता विपिन कुमार शुक्ला सहित अन्य वक्ताओं ने संगठन की एकता, संवाद और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान की परंपरा को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
वक्ताओं ने कहा कि संगठन की शक्ति ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है और पुराने तथा नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय से ही सामाजिक संगठनों को मजबूती मिल सकती है। कार्यक्रम का समापन सम्मान समारोह और समाज के उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।





