
घर में घुसकर मारपीट व बेटियों से अभद्रता का आरोप, पीड़ित ने कोतवाली में FIR दर्ज करने की लगाई गुहार
सियरापार गांव की घटना, दबंगों पर गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप • पीड़ित परिवार दहशत में, पुलिस से की कार्रवाई की मांग
बस्ती। कोतवाली थाना क्षेत्र के सियरापार गांव में घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित सत्यप्रकाश चतुर्वेदी पुत्र रामनाथ चतुर्वेदी ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर गांव के कुछ लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार घटना 5 मार्च की रात करीब 8 बजे की है। उस समय वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोग अचानक उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि गांव के रामबहादुर, श्याम बहादुर, तेज बहादुर, सन्तराम, विजय बहादुर पुत्र जगन्नाथ तथा शोकित पुत्र तेज बहादुर सहित कुछ अन्य अज्ञात लोग जबरन घर में घुस आए और परिवार के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे।
सत्यप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों ने घर में घुसकर उनकी पत्नी और बच्चों को भद्दी-भद्दी गालियां दीं और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान परिवार के कई लोगों को चोटें आईं। पीड़ित का कहना है कि इस दौरान दबंगों ने उनकी दोनों बेटियों के साथ भी अभद्रता की, जिससे उन्हें भी चोटें आई हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार भय और सदमे में है।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने जाते-जाते उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। उनका कहना है कि दबंगों ने धमकी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने इस मामले में कहीं शिकायत की तो उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसा दिया जाएगा। इस धमकी के कारण परिवार के लोग काफी डरे और सहमे हुए हैं।
घटना के बाद सत्यप्रकाश चतुर्वेदी ने कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद से परिवार के लोग मानसिक रूप से परेशान हैं और बच्चों में भी डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आरोपियों का मनोबल और बढ़ सकता है।
इस संबंध में कोतवाली पुलिस का कहना है कि पीड़ित द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस तरह की घटना से माहौल तनावपूर्ण हो गया है और लोग चाहते हैं कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।





