
मुख्य चुनाव आयुक्त के बर्खास्तगी की मांग को लेकर कांग्रेस ने फूंका ज्ञानेश कुमार का पुतला
लोकतंत्र की रक्षा के लिये वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस- विश्वनाथ चौधरी
बस्ती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में शास्त्री चौंक पर ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार त्याग पत्र नहीं देते कांग्रेस का लोकतंत्र को बचाने के लिये चरणबद्ध आन्दोलन जारी रहेगा। सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारी शास्त्री चौक पर एकत्र हुये और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन करते हुये नारेबाजी किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फंूंकने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है। कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के मुद्दे को उठा रहे हैं और अब तो उनके आरोपों पर खुद दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों ने मुहर लगा दिया है। कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिये वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू, जिला उपाध्यक्ष संदीप श्रीवास्तव, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, डा. आलोक रंजन ने कहा कि चुनाव आयोग सरकार और सत्तारूढ़ दल के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के प्रमुख की भूमिका के बजाय सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन वह सरकार के इशारे पर काम कर रही है। मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा है। अगर उसमें ही गड़बड़ी होगी तो चुनाव का क्या मतलब रह जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले लगभग 10 महीनों में आयोग के विभिन्न कदमों एवं आदेशों पर 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति दर्ज की है। यह कोई छोटी बात नहीं है।रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने तथा आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्त लगातार लिखित आपत्तियां दर्ज कर रहे हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त उनकी सुन नहीं रहे। कांग्रेस भाजपा के इशारे पर हो रही वोट चोरी के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर पुतला फूंकने वालों में मुख्य रूप से अनिल भारती, गिरिजेश पाल, डा. दीपेन्द्र सिंह, साधू शरन आर्य, राहुल चौधरी, अलीम अख्तर, मारूफ अली, अतीउल्ला सिद्दीकी, राकेशमणि त्रिपाठी, अमित सिंह, शौकत अली नन्हू, अनूप पाठक, लक्ष्मी यादव, सुनील पाण्डेय, नवीन कन्नौजिया, उमेश उपाध्याय, राम बचन भारती, अवधेश सिंह, ज्ञानदास, सुभाष चौधरी, डी.एन. शास्त्री, मंजू त्रिपाठी, वृजभान कन्नौजिया, उमेश उपाध्याय, जमील कादरी, रामधीरज चौधरी, सद्दाम हुसेन, संजीव त्रिपाठी, फिरोज खान, लालजी पहलवान, अवनीश पाण्डेय, दूधनाथ पटेल, शुभम गांधी के साथ ही कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फंूंकने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है। कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के मुद्दे को उठा रहे हैं और अब तो उनके आरोपों पर खुद दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों ने मुहर लगा दिया है। कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिये वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू, जिला उपाध्यक्ष संदीप श्रीवास्तव, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, डा. आलोक रंजन ने कहा कि चुनाव आयोग सरकार और सत्तारूढ़ दल के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के प्रमुख की भूमिका के बजाय सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन वह सरकार के इशारे पर काम कर रही है। मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा है। अगर उसमें ही गड़बड़ी होगी तो चुनाव का क्या मतलब रह जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले लगभग 10 महीनों में आयोग के विभिन्न कदमों एवं आदेशों पर 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति दर्ज की है। यह कोई छोटी बात नहीं है।रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने तथा आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्त लगातार लिखित आपत्तियां दर्ज कर रहे हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त उनकी सुन नहीं रहे। कांग्रेस भाजपा के इशारे पर हो रही वोट चोरी के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर पुतला फूंकने वालों में मुख्य रूप से अनिल भारती, गिरिजेश पाल, डा. दीपेन्द्र सिंह, साधू शरन आर्य, राहुल चौधरी, अलीम अख्तर, मारूफ अली, अतीउल्ला सिद्दीकी, राकेशमणि त्रिपाठी, अमित सिंह, शौकत अली नन्हू, अनूप पाठक, लक्ष्मी यादव, सुनील पाण्डेय, नवीन कन्नौजिया, उमेश उपाध्याय, राम बचन भारती, अवधेश सिंह, ज्ञानदास, सुभाष चौधरी, डी.एन. शास्त्री, मंजू त्रिपाठी, वृजभान कन्नौजिया, उमेश उपाध्याय, जमील कादरी, रामधीरज चौधरी, सद्दाम हुसेन, संजीव त्रिपाठी, फिरोज खान, लालजी पहलवान, अवनीश पाण्डेय, दूधनाथ पटेल, शुभम गांधी के साथ ही कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।
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