
सनातन धर्म की रक्षा के संकल्प के साथ पैड़ाधाम से बागेश्वर धाम तक पदयात्रा पर निकले पैड़ा वाले बाबा, 25वें दिन बांदा पहुंचे
बस्ती पैड़ाधाम से बागेश्वर धाम तक पदयात्रा पर निकले पैड़ा वाले बाबा, 25वें दिन बांदा पहुंचे महंथ गोविन्द दास महाराज, सनातन धर्म की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष का संकल्प, यात्रा में सहयोग करने वालों का जताया आभार, विरोधियों पर यात्रा बाधित करने का लगाया आरोप
विषाक्त पदार्थ खिलाने की कोशिश का किया दावा, बस्ती में बागेश्वर धाम कथा कराने का दोहराया संकल्प, “बालाजी सरकार और बागेश्वर धाम की कथा कराकर ही रहेंगे” – पैड़ा वाले बाबा, श्रद्धालुओं के सहयोग से आगे बढ़ रही पदयात्रा
बस्ती। सनातन धर्म की रक्षा, धार्मिक जागरण तथा बस्ती जनपद में बागेश्वर धाम की कथा कराने के संकल्प के साथ पैड़ाधाम के महंथ गोविन्द दास महाराज उर्फ पैड़ा वाले बाबा द्वारा निकाली जा रही पदयात्रा लगातार आगे बढ़ रही है। करीब 25 दिन पूर्व पैड़ाधाम से प्रारम्भ हुई यह यात्रा अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए सोमवार को बांदा जनपद पहुंच गई। यात्रा के 25वें दिन बांदा में मीडिया से बातचीत करते हुए महंथ गोविन्द दास महाराज ने कहा कि उनका संघर्ष अंतिम सांस तक सनातन धर्म की रक्षा और उसके प्रचार-प्रसार के लिए जारी रहेगा।
महंथ गोविन्द दास महाराज ने कहा कि उन्होंने बस्ती में बागेश्वर धाम की कथा आयोजित कराने तथा सनातन संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। इसी उद्देश्य को लेकर वे पैदल यात्रा करते हुए बागेश्वर धाम की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय नहीं बल्कि सनातन धर्म के प्रति समर्पण और समाज को एकजुट करने का अभियान है।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों तथा धर्मप्रेमियों का भरपूर सहयोग मिला। कई लोगों ने भोजन, पानी, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं, जिससे यात्रा को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली। उन्होंने ऐसे सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
महंथ गोविन्द दास महाराज ने दावा किया कि यात्रा को बाधित करने के लिए कुछ असामाजिक और विरोधी तत्वों द्वारा विभिन्न प्रकार की परेशानियां खड़ी की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा को असफल बनाने की नीयत से उन्हें विषाक्त पदार्थ तक खिलाने का प्रयास किया गया। हालांकि उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा, श्रद्धालुओं के आशीर्वाद और अपने अटूट विश्वास के कारण उनका मनोबल कभी कमजोर नहीं पड़ा।
उन्होंने कहा, “सनातन धर्म की सेवा मेरा जीवन लक्ष्य है। चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। कुछ लोगों ने यात्रा को रोकने की कोशिश की, लेकिन इससे मेरा संकल्प और मजबूत हुआ है। मैं अंतिम सांस तक सनातन धर्म की रक्षा और उसके प्रचार के लिए संघर्ष करता रहूंगा।”
महंथ गोविन्द दास महाराज ने यह भी कहा कि उनका दृढ़ प्रण है कि बस्ती में बालाजी सरकार एवं बागेश्वर धाम की कथा अवश्य कराई जाएगी। इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और उन्हें विश्वास है कि श्रद्धालुओं तथा सनातन प्रेमियों के सहयोग से यह संकल्प शीघ्र पूरा होगा।
पदयात्रा के दौरान विभिन्न जिलों और गांवों से गुजरते हुए बाबा लोगों को सनातन संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश भी दे रहे हैं। उनके साथ चल रहे समर्थकों का कहना है कि यह यात्रा धार्मिक जागरण के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम बन रही है।
बांदा पहुंचने पर स्थानीय श्रद्धालुओं ने महंथ गोविन्द दास महाराज का स्वागत किया और उनकी यात्रा की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। यात्रा आगामी दिनों में बागेश्वर धाम की ओर आगे बढ़ेगी।





