
सरदार पटेल ने छोटे-छोटे रियासतों को जोड़कर अखंड भारत का किया निर्माण, आज के नेताओं को उनसे सीख लेने की जरूरत : मनोज चौधरी
जाति-पाति की राजनीति करने वालों से रहें सतर्क, महापुरुषों के सिद्धांतों को आत्मसात करने का लें संकल्प
बस्ती। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए रुधौली विधानसभा क्षेत्र के प्रबल दावेदार एवं समाजसेवी मनोज चौधरी ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व के बल पर छोटे-छोटे रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। ऐसा असाधारण कार्य निश्चित रूप से लौह पुरुष जैसा दृढ़ संकल्पित व्यक्तित्व ही कर सकता था।
मनोज चौधरी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। आज जब समाज को जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर बांटकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिशें की जा रही हैं, ऐसे समय में सरदार पटेल के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज कुछ नेता अपने राजनीतिक स्वार्थ और लाभ के लिए महापुरुषों को भी जातियों में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग के नहीं होते, बल्कि उनका व्यक्तित्व और योगदान पूरे राष्ट्र की धरोहर होता है। सरदार पटेल ने कभी समाज को बांटने की राजनीति नहीं की, बल्कि सभी को साथ लेकर मजबूत और एकजुट भारत की नींव रखी।
मनोज चौधरी ने कहा कि हमें ऐसे राजनीतिक प्रयासों से सतर्क रहने की आवश्यकता है, जो समाज में आपसी वैमनस्य और विभाजन को बढ़ावा देते हैं। देश की वास्तविक ताकत सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी विश्वास में निहित है। यदि हम सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें तो समाज को नई दिशा दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लेने का दिन है। आज हम सभी को यह प्रण लेना चाहिए कि जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखेंगे। यही लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।




