कवि सम्मेलन में गूंजा राष्ट्रप्रेम, साहित्यकारों को मिला सम्मान

बस्ती, 27 जनवरी।राष्ट्रीय कवि डॉ. रामकृष्ण लाल जगमग ने कहा कि देश की आज़ादी में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। समय-समय पर कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देशभक्ति की भावना को प्रबल किया और समाज को जागरूक करने का कार्य किया।

वह गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब सभागार में ओम साईं हरिवंश सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कवि सम्मेलन एवं गोपाल दास नीरज सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब कवियों ने अपनी लेखनी से जन-जन के हृदय में स्वतंत्रता की चेतना जगाई, जिससे आम जनमानस एकजुट होकर आज़ादी की लड़ाई को मजबूती प्रदान कर सका।

वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण देव मिश्र ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। कवियों की रचनाएँ आज भी नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, त्याग और संघर्ष की प्रेरणा देती हैं। साहित्य समाज की आत्मा है, और बिना साहित्य के समाज अधूरा है।

कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों डॉ. विनोद कुमार उपाध्याय, डॉ. वी.के. वर्मा, अर्चना श्रीवास्तव, अजीत श्रीवास्तव, दीपक सिंह प्रेमी, अफजल हुसैन ‘अफजल’, राजेन्द्र सिंह, शाद अहमद, डॉ. पारस वैध, तेज प्रकाश शुक्ला, सुशील सिंह, अनवर हुसैन, जगदम्बा प्रसाद, वी.पी. श्रीवास्तव, तौआब अली, हरिकेश प्रजापति, समीर तिवारी सहित अन्य साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार मिश्र, जयंत कुमार मिश्र, टी.पी. मिश्र, श्याम प्रकाश शर्मा, सी.पी. पांडेय, डॉ. सत्यव्रत द्विवेदी, हरीश दरवेश, पुनीत दत्त ओझा, सुनील मिश्र, राघवेंद्र मिश्रा, जीशान हैदर रिजवी, अनुराग कुमार श्रीवास्तव, आलोक कुमार श्रीवास्तव, विशाल पाण्डेय, वृहस्पति कुमार पाण्डेय, माधुरी पाण्डेय, गौरव श्रीवास्तव, देवी प्रसाद श्रीवास्तव, सर्वेश श्रीवास्तव, वशिष्ठ पाण्डेय, विपिन बिहारी त्रिपाठी, लवकुश सिंह, राकेश गिरी, महेश चंद्र मौर्य, अमन कुमार पाण्डेय, सर्बजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन विनोद कुमार उपाध्याय ने किया।

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