
उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी में ABVP का ‘स्क्रीन टाइम, एक्टिव टाइम’ अभियान शुरू, मोबाइल छोड़ खेल मैदान में लौटने का संदेश
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यशाला में छात्रों ने लिया संकल्प: रोज एक घंटा खेलेंगे, मोबाइल का कम करेंगे इस्तेमाल
बस्ती। मंडलीय मुख्यालय के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में ‘स्क्रीन टाइम, एक्टिव टाइम’ अभियान का जोरदार आगाज हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यशाला में छात्रों को मोबाइल की लत से दूर रहकर सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना तथा डिजिटल दुनिया के दुष्प्रभावों से बचाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक संजीव त्यागी एवं विशिष्ट अतिथि महिला थाना अध्यक्ष डॉ. शलिनी सिंह के स्वागत के साथ हुई। विद्यालय के प्रबंध निदेशक विनय शुक्ल ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों का उत्साह देखने लायक था और उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से अतिथियों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में विद्यालय के प्रबंध निदेशक विनय शुक्ल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल स्क्रीन में इस कदर उलझ गई है कि उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग जरूरी है, लेकिन उसका संतुलित प्रयोग ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। उन्होंने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में सकारात्मक बदलाव आएगा और वे खेल, योग व अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित होंगे।
मुख्य अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक संजीव त्यागी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल का महत्व बढ़ा है, लेकिन अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का महत्व समझाते हुए पढ़ाई, खेलकूद और तकनीक के बीच संतुलन बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही सफलता का आधार है।
विशिष्ट अतिथि महिला थाना अध्यक्ष डॉ. शलिनी सिंह ने छात्राओं को ‘मिशन शक्ति’ अभियान और साइबर सुरक्षा के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनावश्यक स्क्रीन टाइम से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी से बचाव और आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन का उपयोग करने के बारे में जागरूक किया।
एबीवीपी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ‘स्क्रीन टाइम, एक्टिव टाइम’ अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को खेलकूद, योग और व्यायाम के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि नियमित शारीरिक गतिविधियों से एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन होता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताएंगे और अनावश्यक मोबाइल उपयोग से दूरी बनाएंगे। इस दौरान पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण, एबीवीपी के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन और एबीवीपी टीम की सराहना की गई। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।





