
मड़वानगर टोल प्लाजा पर विवाद गहराया, समाधान न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी
बस्ती। मड़वानगर टोल प्लाजा को लेकर पिछले शुक्रवार से जिला प्रशासन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और टोल प्रबंधन के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कई दौर की बैठकों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राज कुमार सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटनाओं के लिए ट्रांसपोर्टरों को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह से अनुचित और निराधार है। उन्होंने कहा कि यह मामला पिछले कई दिनों से चर्चा में है और लगातार बैठकें हो रही हैं, लेकिन अब तक सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। जमीनी स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
राज कुमार सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा, “सड़क दुर्घटनाओं के लिए केवल ट्रांसपोर्टर ही कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं? सड़कों की खराब स्थिति, ट्रैफिक प्रबंधन की कमी और अन्य कई कारण भी दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं। ऐसे में एक पक्ष को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है।” उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर नियमों का पालन करते हैं और प्रशासन के साथ सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, लेकिन उन पर बेवजह आरोप लगाना सही नहीं है।
इस पूरे विवाद के चलते मड़वानगर टोल प्लाजा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि टोल वसूली और संचालन में कई खामियां हैं, जिन पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं, प्रशासन की ओर से सख्ती बढ़ाने की बात कही जा रही है, जिससे मामला और उलझता जा रहा है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस मुद्दे का निष्पक्ष समाधान नहीं किया गया, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और अहिंसात्मक होगा, लेकिन अपनी मांगों को लेकर वे पीछे नहीं हटेंगे।
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों में इस मुद्दे को लेकर काफी असंतोष है। उनका कहना है कि टोल प्लाजा पर आए दिन होने वाली समस्याओं के कारण उनके कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। कई बार अनावश्यक रोक-टोक और विवाद की स्थिति बन जाती है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों होता है।
वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल, मड़वानगर टोल प्लाजा का यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन का रूप ले सकता है।





